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जिला चिकित्सालय द्वारा वेंटीलेटर खरीदी के प्रकरण में
संबंधित विक्रेता से अगले तीन वर्ष तक क्रय प्रतिबंधित
जिला चिकित्सालय के लापरवाह दो कर्मचारियों की
भी दो-दो वेतन वृध्दि रोकने के आदेश
छिन्दवाड़ा/ 21 अप्रैल 2020/ कलेक्टर डॉ.श्रीनिवास शर्मा द्वारा सांसद निधि से क्रय किये गये एडल्ट वेंटीलेटर और दो बायपैक मशीन की खरीदी में अनियमितताओं की शिकायत पर नियमानुसार वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों से कराई गई जांच, पुनः प्राप्त किए गए संयुक्त जांच प्रतिवेदन एवं जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन से प्राप्त नस्ती के पूर्ण परीक्षण के बाद प्राप्त शिकायतों का निराकरण करते हुए संबंधित विक्रेता को क्रय आदेश के अनुरूप चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने के आदेश देते हुए वित्तीय अनियमितता पाए जाने के कारण संबंधित विक्रेता से अगले तीन वर्ष तक के लिए क्रय प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके साथ ही सिविल सर्जन सह अधीक्षक जिला चिकित्सालय छिंदवाड़ा के कार्यालय के लापरवाह पाए गए दो कर्मचारियों को दो-दो वेतन वृध्दि असंचयी प्रभाव से रोकने का दण्ड दिया गया है।
      कलेक्टर डॉ.शर्मा ने बताया कि जिले में कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाले व्यक्तियों को दृष्टिगत रखते हुये छिन्दवाड़ा सांसद श्री नकुल नाथ द्वारा जिला चिकित्सालय में दो एडल्ट वेंटिलेटर एवं दो बायपैक मशीन खरीदने के लिये सांसद निधि से 25 लाख रूपये की राशि उपलब्ध कराई गई थी । इस खरीदी के लिये सिविल सर्जन सह अधीक्षक जिला चिकित्सालय छिन्दवाड़ा को राशि प्रदाय करते हुये क्रियान्वयन एजेंसी बनाया गया । प्रमुख सचिव म.प्र. शासन भोपाल के 27 मार्च 2020 के पत्र के अनुसार कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए अप्रत्याशित परिस्थितियों में भण्डार क्रय नियमों/प्रक्रियाओं और अन्य निर्देशों को शिथिल करते हुए सम्पूर्ण प्रशासकीय और वित्तीय अधिकार जिला अधिकारी को सीधे दिये गये है और इन्ही निर्देशों का पालन करते हुये जिला चिकित्सालय छिंदवाड़ा के सिविल सर्जन को दो वेंटीलेटर एवं दो बायपैक मशीन क्रय करना थी। कोरोना जैसी महामारी के संक्रमण को रोकने एवं इसके लिए राज्य शासन द्वारा जारी प्रदेशों के परिपेक्ष में ऐसे कठिन एवं विषम परिस्थितियों में किसी भी उपकरण एवं सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करना ही केवल एकमात्र उद्देश्य किसी भी संस्था का होना चाहिए जिससे समूचे मानव प्रजाति की उचित रक्षा की जा सके एवं ऐसे समय में किसी के द्वारा की गई किसी भी तरह की उपलब्धता को इस वक्त में किसी जांच में तकनीकी आधार पर निर्धारित कर पाना उचित नहीं होता है।
      कलेक्टर डॉ.शर्मा ने बताया कि सांसद निधि से क्रय किये गये एडल्ट वेंटीलेटर और दो बायपैक मशीन की खरीदी में अनियमितताओं के संबंध में 10 अप्रैल को शिकायत प्राप्त होने पर मेडिकल कॉलेज के डीन को जांच कमेटी गठित कर 3 दिन के अंदर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के लिए आदेशित किया गया एवं संबंधित फर्म के देख के भुगतान पर तत्काल रोक लगाई गई। जांच समिति द्वारा परीक्षण उपरांत जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। शिकायत कर्ताओं द्वारा पुनः कई बिंदुओं पर जांच के लिए आवेदन प्रस्तुत करने पर चिकित्सा उपकरणों की गुणवत्ता के संबंध में पुनः मेडिकल कॉलेज के डीन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा सिविल सर्जन को अपनी संयुक्त एक्सपर्ट रिपोर्ट अपने अभिमत के साथ प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। मेडिकल कॉलेज छिंदवाड़ा के डीन से प्राप्त जांच प्रतिवेदन में प्रस्तुत तथ्यों के अनुसार इन उपकरणों की दर वर्तमान में एम.पी.पी.एच.एस.एच.सी.एल. कार्पोरेशन लिमिटेड की एन.आई.टी. 152 में उल्लेखित है जिसके अनुसार यह क्रय आदेश मेसर्स डिसेण्ट मेडिकल इक्युपमेंट सिस्टम प्रायवेट लिमिटेड इंदौर म.प्र. को नियमानुसार जारी किया गया, लेकिन उनके द्वारा लिखित में वेंटीलेटर 30 दिनों के बाद उपलब्ध होने पर ही सप्लाई के लिए सूचित किया गया। इसके बाद लोकल टेंडर नम्बर 2019 के आईटम कोड 329.10 में वेंटिलेटर एडल्ट मॉडल न्यू पोर्टेबल 360 का एल-1 दर मेसर्स ए.के. इंटरप्राइजेस जबलपुर की अंकित थी, परन्तु यह वेंटिलेटर कोरोना वैश्विक महामारी के लिये उपयुक्त नहीं होने के कारण क्रय आदेश जारी नहीं किये गये। जन स्वास्थ्य एवं कोविड-19 के उपचार के लिए नितान्त आवश्यकता होने पर जिला चिकित्सालय की क्रय समिति के सदस्यों द्वारा सीमित समय में स्थानीय क्रेता के माध्यम से एम.पी.पी.एच.एस.एच.सी.एल. के स्पेशिफिकेशन और दर पर एन.आइ.टी. 152 के आधार पर सप्लाई का निर्णय लिया गया। जिला चिकित्सालय की क्रय समिति के अनुमोदन के बाद नोटशीट के माध्यम से कलेक्टर से 28 मार्च 2020 को अनुमोदन प्राप्त कर मेसर्स तिरूपति फार्मा डिस्ट्रीब्यूटर छिन्दवाड़ा को क्रय आदेश इस शर्त पर दिये गये कि वे दो दिन के अंदर वेंटिलेटर उपलब्ध करायेंगे। क्योंकि वेंटिलेटर के लिये 28 मार्च को मौखिक निर्देश दिये गये थे कि 30 मार्च तक स्टॉक रजिस्टर में क्रय की प्रविष्टी किये जाने के निर्देश थे, फर्म द्वारा तत्काल एक एडल्ट वेंटिलेटर और एक पोर्टेबल वेंटिलेटर दिया गया । क्रय आदेश एडल्ट वेंटीलेटर का होने पर बिल भी दो एडल्ट वेंटिलेटर का दिया गया। साथ ही फर्म द्वारा स्वीकृति दी गई कि आगामी निकट भविष्य में एक और एडल्ट वेंटिलेटर दिया जायेगा और पोर्टेबल वेंटिलेटर हटा दिया जायेगा।
      कलेक्टर डॉ.शर्मा ने बताया कि बायपैक मशीन की दरें शासन के जेम पोर्टल पर उपलब्ध दरों के आधार पर सप्लायर द्वारा समय पर उपलब्ध कराने के आश्वासन पर क्रय आदेश संबंधित फर्म को जारी किए गए थे। क्योंकि इस महामारी के समय आवागमन एवं ट्रांसपोर्टेशन संपूर्ण देश में प्रतिबंधित एवं मुश्किल है इसीलिए परिस्थितिवश इन उपकरणों का क्रय, क्रय समिति द्वारा स्वीकृत प्रक्रिया एवं माध्यम को मान्य करते हुए उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए किया गया है ।
      कलेक्टर डॉ शर्मा ने बताया कि संपूर्ण जांच प्रतिवेदन प्राप्ति के बाद जांच प्रतिवेदन में पाई गई अनियमितताओं के आधार पर संबंधित फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा कर दो बिंदुओं पर उनसे जवाब मांगा गया। संबंधित फर्म द्वारा प्रस्तुत अपने बिंदुवार जवाब में स्पष्ट किया गया कि उनके द्वारा क्रय आदेश के आधार पर जनहित में अथक प्रयास कर उपकरणों की प्रदायगी का प्रयास किया गया था, लेकिन लॉक डाउन के चलते एक ही एडल्ट वेंटिलेटर प्राप्त हो सका, जो उनके द्वारा प्रदाय किया गया। इसके साथ ही यह भी कहा गया कि उनके द्वारा 13 मार्च 2020 को सिविल सर्जन छिंदवाड़ा को सूचित किया गया था कि कोविड-19 महामारी के चलते 21 मार्च 2020 से पूर्ण लॉकडाउन होने के कारण उपकरण प्राप्त होने में परेशानी हो रही है एवं उनके द्वारा कोविड-19 को देखते हुए एक पोर्टेबल वेंटिलेटर प्रदान किया गया है जिससे  आकस्मिकता पर जिला चिकित्सालय द्वारा उपयोग किया जा सके। सामग्री प्राप्त होने पर एडल्ट वेंटिलेटर प्रदाय करने का आश्वासन दिया गया है। फर्म द्वारा अपने जवाब में यह भी कहा गया है कि उनके द्वारा प्रस्तुत देयक में 4 लाख 67 हजार 799 रुपए एवं 98 हजार 880 रुपए कुल योग एक लाख 88 हजार 899 रुपए की अतिरिक्त छूट प्रदान की गई है जिससे कुल राशि कार्यालय द्वारा दिए गए क्रय आदेश से स्वतः ही कम हो जाती है। साथ ही उन्होंने अपने जवाब में यह भी कहा है कि उनके द्वारा कार्यालय के द्वारा आदेशित उपकरण प्रदाय करने का भरसक प्रयास किया जा रहा है जैसे ही उपकरण प्राप्त होता है तुरंत ही एडल्ट वेंटिलेटर कार्यालय में प्रस्तुत कर दिया जाएगा।
      कलेक्टर डॉ.शर्मा द्वारा सांसद निधि से स्वीकृत वेंटिलेटर सप्लाई के संबंध में प्राप्त शिकायत की नियमानुसार वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों से कराई गई जांच, पुनः प्राप्त किए गए संयुक्त जांच प्रतिवेदन एवं सिविल सर्जन जिला चिकित्सालय छिंदवाड़ा से प्राप्त नस्ती का पूर्ण परीक्षण उपरांत जांच में आए बिंदुओं के आधार पर प्राप्त शिकायतों का निराकरण किया गया है। जिसके अनुसार मैसर्स तिरुपति फार्मा डिस्ट्रीब्यूटर्स द्वारा जो आदेश लिए गए एवं जो चिकित्सा उपकरण सप्लाई किए गए वह आकस्मिकता के आधार पर उपयोग करने हेतु एवं बाद में स्पेसिफिकेशन प्रदाय करने की शर्त पर उपलब्ध कराए गए थे जोकि इस विषम परिस्थिति में अस्पताल प्रबंधन के लिए अति आवश्यक थे। इसलिए प्रबंधन द्वारा इस सप्लायर से आवश्यक उपकरण उनकी सहमति के आधार पर क्रय किए गए। लेकिन अपने स्व विवेक का उपयोग करते हुए कलेक्टर डॉ. शर्मा द्वारा चिकित्सा उपकरण खरीदी के प्रकरण में कहीं ना कहीं त्रुटि होना समझते हुए इसे वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में रखा गया है। चूंकि वेंटीलेटर की दरें एम.पी.पी.एच.एस.एच.सी.एल.  द्वारा निर्धारित है एवं उन्हीं दरों पर उन्हीं स्पेसिफिकेशन के वेंटिलेटर स्वीकार किए जाना उचित होगा तथा प्रतिवेदन के माध्यम से यह संज्ञान में आया है कि चाहे सशर्त ही सही लेकिन एक वेंटिलेटर फुल स्पेसिफिकेशन का नहीं है जिसके क्रय आदेश जारी किए गए थे लेकिन जो वेंटीलेटर का दे प्रस्तुत हुआ है वह दो एडल्ट वेंटिलेटर का एमपी पीएच एस एच सीएल की दर एवं निर्धारित स्पेसिफिकेशन का प्रस्तुत हुआ जबकि देयक के अनुसार एडल्ट वेंटिलेटर एक ही प्राप्त किया गया इन परिस्थितियों में यदि एक ही वेंटिलेटर का प्रस्तुत करना उचित होता लेकिन ऐसा ना हो कर दोनों एडल्ट वेंटिलेटर के देव भुगतान हेतु प्रस्तुत किए गए।
      कलेक्टर डॉ.शर्मा द्वारा इस संबंध में फर्म को जारी कारण बताओ नोटिस के परिप्रेक्ष्य में उनके द्वारा प्रस्तुत जवाब समाधान कारक एवं संतोषजनक नहीं पाया गया है और इसे अनियमितता की श्रेणी में रखते हुए तिरुपति फार्मा डिस्ट्रीब्यूटर छिंदवाड़ा को प्राप्त कर आदेश के अनुरूप चिकित्सा उपकरण जिला चिकित्सालय छिंदवाड़ा में उपलब्ध कराने, जिला चिकित्सालय द्वारा तिरुपति फार्मा डिसटीब्यूटर छिंदवाड़ा के संबंधित देखो का भुगतान नहीं करने एवं वित्तीय अनियमितता पाए जाने के कारण इस फर्म से अगले 3 वर्ष तक के प्रतिबंधित करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही संबंधित फर्म द्वारा प्रस्तुत त्रुटिपूर्ण देयकों का सही तरह से सत्यापन नहीं किए जाने, फर्म से प्राप्त का बिना परीक्षण स्टोर में आवक में लेकर सत्यापन करने एवं चिकित्सा उपकरणों की नस्ती के प्रस्तुतीकरण में सिविल सर्जन से अधीक्षक कार्यालय के क्रय प्रभारी एवं स्टोर प्रभारी की अनियमितता भी पाए जाने पर दोनों कर्मचारियों द्वारा मध्य प्रदेश भंडार क्रय नियमों के अनुरूप सही तरह से कार्यवाही नहीं करने एवं त्रुटिपूर्ण देखो को सही मानते हुए स्टोर में आवक किए जाने एवं उसकी दर स्पेसिफिकेशन का सत्यापन का प्रमाणित किया जाकर देयक भुगतान के लिए अनुशंसित करने को मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के अंतर्गत कद आचरण की श्रेणी में मानते हुए दोषी कर्मचारी फार्मासिस्ट श्री अमोल ओकाटे एवं श्री मनीष दुबे को मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के अंतर्गत 2-2 वेतन वृध्दियां असंचयी प्रभाव से रोकने के आदेश से दंडित किया गया है।
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समाचार
संपूर्ण जिले में आगामी आदेश तक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी
छिन्दवाड़ा/ 21 अप्रैल 2020/ कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डॉ.श्रीनिवास शर्मा द्वारा कोराना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा-144 में प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए पूर्व में जारी आदेशों को अधिक्रमित करते हुये संपूर्ण छिंदवाड़ा जिले की सभी राजस्व सीमाओं में 19 अप्रैल से आगामी आदेश तक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है । वर्तमान परिस्थितियों में आम जनता को संबोधित यह आदेश एक पक्षीय पारित किया गया है । इसका उल्लंघन करने पर संबंधित के विरूध्द भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के अंतर्गत कार्यवाही की जायेगी ।
        कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डॉ.शर्मा ने बताया कि प्रतिबंधात्मक आदेश के अनुसार छिंदवाड़ा जिले में किसी भी व्यक्ति का घर से निकलना निषेधित रहेगा अर्थात सभी व्यक्ति अपने-अपने घरों पर ही रहेंगे और जिले की सभी सीमाओं को सील करते हुए किसी भी माध्यम सड़क, रेल एवं हवाई मार्ग से जिले की सीमा में निवासरत नागरिक एवं बाहरी लोगों का आगमन-प्रस्थान पूर्णतः निषेधित किया गया है।
यह गतिविधियां रहेंगी प्रतिबंधित- कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डॉ.शर्मा ने बताया कि इस अवधि में सुरक्षा उद्देश्यो एवं माल परिवहन को छोडकर ट्रेनो, सार्वजनिक परिवहन के लिए बसें / टैक्सी (ऑटो रिक्शा) का संचालन, चिकित्सा कारणों या इन दिशा निर्देशों के तहत अनुमत गतिविधियों को छोडकर व्यक्तियों का अंतर-जिला एवं अंतर-राज्य मूवमेंट, दिशा-निर्देशों के तहत विशेष रूप से अनुमत प्राप्त को छोड़कर सभी औदयोगिक और व्यावसायिक गतिविधियां, सभी सिनेमा हॉल, मॉल, शापिंग काम्प्लेक्स, व्यायाम शाला, स्पोटर्स, काम्प्लेक्स, स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, सार्वजनिक पार्क, बार और आडिटोरियम, असेंबली हाल और इसी तरह के संस्थान, सभी सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, अकादमिक, सांस्कृतिक, धार्मिक समारोह, अन्य एकत्रीकरण आदि गतिविधियां प्रतिबंधित की गई है । सभी शैक्षणिक, प्रशिक्षण, कोचिंग संस्थान एवं आमजन के लिए सभी धार्मिक स्थलों/पूजा स्थलों को बंद रखा जाएगा। अंतिम संस्कार कार्यक्रम में 10 से अधिक व्यक्तियों को अनुमति नही दी जाएगी।
हॉटस्पॉट और कंटेनमेंट जोन के संबंध में दिशा निर्देश- उन्होंने बताया कि कंटेनमेंट जोन में इन दिशा निर्देशों के तहत अनुमत गतिविधियों की भी अनुमति नहीं होगी। चिकित्सा, आपात स्थिति, कानून व्यवस्था से संबधित कर्तव्यों सहित आवश्यक सुविधाओं और शासकीय कार्यों की निरंतरता को छोड़कर इन क्षेत्रों से आबादी का कोई अनियंत्रित मूवमेंट (आना-जाना) न हो, इसके लिये इन क्षेत्रों की सीमाओं में सख्त नियंत्रण होगा। इंसिडेंट कमाण्डर राज्य एवं भारत सरकार तथा कलेक्टर कार्यालय से जारी दिशा निर्देशों को सख्ती से लागू करायेंगे ।
इन गतिविधियों के संचालन की रहेगी अनुमति- कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डॉ.शर्मा ने बताया कि इस अवधि में स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लीनिक, टेली मेडिसिन सुविधाएं, डिस्पेंसरी, केमिस्ट, फार्मेसी, जन औषधि केन्द्र और मेडिकल उपकरण की दुकान सहित सभी प्रकार की दवा की दुकानें, पशु चिकित्सा अस्पताल, औषधालय क्लीनिक, पैथोलॉजी लैब, सैंपल कलेक्शन सेंटर, वैक्सीन और दवा की बिक्री और आपूर्ति, दवाओं, फार्मस्यूटिकल्स, चिकित्सा उपकरणों, चिकित्सा आक्सीजन इनकी पैकेजिंग सामग्री, कच्चे माल की विनिर्माण इकाइयाँ, सभी चिकित्सा और पशु चिकित्सा कर्मियों, वैज्ञानिकों, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ, लैब तकनीशियन, मिडवाइव्स और अन्य अस्पताल सहायता सेवाओं एंबुलेंस सहित का जिले के अंदर मूवमेंट की अनुमति रहेगी ।
कृषि और उद्यानिकी के अंतर्गत- किसानों और खेत श्रमिकों द्वारा कृषि एवं आनुसांगिक कार्य, समर्थन मूल्य पर खरीदी हेतु स्थापित उपार्जन केन्द्र, कृषि उपज मंडी, उप मंडियों का संचालन, कृषि मशीनरी की दुकानें, इसके स्पेयर पार्ट्स (इसकी आपूर्ति श्रृंखला सहित) और कलेक्टर कार्यालय से अनुमति प्राप्त रिपेयर शॉप, फार्म मशीनरी से सम्बंधित कस्टम हायरिंग सेंटर, कलेक्टर कार्यालय से अनुमति प्राप्त उर्वरकों, कीटनाशकों और बीजों का विनिर्माण, वितरण और रिटेल विक्रय दुकानें, कटाई और बुवाई संबंधित मशीनों का जिले के अंदर मूवमेंट और कम्बाईन हार्वेस्टर और अन्य कृषि बागवानी उपकरण चालन एवं मत्स्य पालन के अंतर्गत नगरीय निकाय क्षेत्र के बाहर मत्स्यपालन गतिविधियां, उद्योग का संचालन, जिसमें फीडिंग और रख-रखाव, हार्वेस्टिंग, प्रसंस्करण, पैकेजिंग कोल्ड चेन, बिक्री और विपणन शामिल हैं, मछली, झींगा और मछली उत्पाद, मछली बीज, फीड सहित इन सभी गतिविधियों के लिए श्रमिकों का मूवमेंट की अनुमति होगी ।
पशुपालन- के अंतर्गत दूध प्रसंस्करण संयंत्र द्वारा दूध और दूध उत्पादों का संग्रह, प्रसंस्करण, वितरण, परिवहन और बिक्री, जिले के नगरपालिक निगम, सभी नगरपालिकायें, सभी नगर पंचायत क्षेत्रों के बाहर स्थित पोल्ट्री फार्म और हैचरी एवं पशुधन खेती गतिविधि सहित पशुपालन फार्मो का संचालन, कलेक्टर कार्यालय से अनुमति प्राप्त पशु आहार विनिर्माण और चारा इसमें मक्के और सोया जैसे कच्चे माल की आपूर्ति शामिल है, गौशालाओं सहित पशु आश्रय गृहों का संचालन, वित्तीय क्षेत्र के अंतर्गत बैंक शाखाएं और एटीएम, बैंकिंग संचालन के लिए आईटी वेंडर्स, बैकिंग कारेसपांडेन्ट (बीसी), एटीएम संचालन और नगदी प्रबंधन एजेंसियां, स्थानीय प्रशासन, बैंक शाखाओं और बीसी में सोशल डिस्टेन्सिंग और कानून व्यवस्था वाये रखने हेतु सुरक्षाकर्मी सेवाएं, गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थान, गृह निर्माण वित्तीय संस्थान, माइक्रो फायनेंस संस्थान, सहकारी क्रेडिट सोसायटी, बीमा कंपनियां अपने न्यूनतम अधिकारी-कर्मचारियों के साथ एवं सामाजिक क्षेत्र के अंतर्गत बच्चों, विकलांग, मानसिक रूप से विकलांग, वरिष्ठ नागरिक, निराश्रित/महिला/विधवाओं आदि के लिए संरक्षण गृह, बाल गृह, किशोर गृह आदि का संचालन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, वृद्धावस्था, विधवा, स्वतंत्रता सेनानी पेंशन, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) द्वारा प्रदान की जाने वाली पेंशन और भविष्य निधि सेवाएं का प्रदाय, आंगनवाड़ियों का संचालन- लाभार्थियों अर्थात बच्चों, महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के घरों पर शासन द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुरूप खाद्य पदार्थों और पोषण पदार्थों का वितरण की अनुमति रहेगी । हितग्राही आंगनवाडी केन्द्र नहीं आएंगे ।
ऑनलाइन शिक्षण/ दूरस्थ शिक्षा के अंतर्गत सभी शैक्षणिक, प्रशिक्षण, कोचिंग संस्थान आदि बंद रहेंगे । इन प्रतिष्ठानों से ऑनलाइन शिक्षण के माध्यम से शैक्षणिक गतिविधियां चालू रखने की अपेक्षा की गई है । मनरेगा कार्य के अंतर्गत सोशल डिस्टेन्सिंग के अनुपालन और चेहरे पर मास्क, सेनेटाइजर का सख्त कार्यान्वयन के साथ महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत रोजगार मूलक कार्य संपादन, सार्वजनिक उपयोगी सेवाओं के अंतर्गत पेट्रोलियम पदार्थों का परिवहन, वितरण, भंडारण और उत्पादों के रिटेल विक्रय, जिसमें पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, एलपीजी आदि शामिल है, जिले में बिजली का उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण, डाकघरों सहित डाक सेवाएं, जिले में नगरपालिका/स्थानीय निकाय स्तरों पर जल, स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्रों की सेवाओं का संचालन, दूरसंचार और इंटरनेट सेवाएं प्रदान करने वाली संस्थाओं का संचालन, माल परिवहन एवं लोडिग/अनलोडिंग के अंतर्गत सभी सामानों का परिवहन एवं लोडिंग/अनलोडिंग करने की अनुमति होगी, रेलवे का संचालनः माल और पार्सल गाड़ियों के कार्गो परिवहन के लिए, सभी ट्रकों और अन्य मालवाहक वाहनों का मूवमेंट जिसमें अधिकतम दो ड्रायवर, एक सहायक जा सकेंगे (इनके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए), खाली ट्रक/वाहन को माल की डिलीवरी के बाद या माल लेने के लिए परिवहन, राजमार्गों पर ट्रक/चार पहिया/दो पहिया वाहनों की मरम्मत के लिये नगरीय निकायों की सीमा के बाहर वर्कशॉप/ गैरेज/सर्विस सेंटर तथा ढाबे खोलने की अनुमति रहेगी ।
      आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिये जिले की सभी किराना दुकानों से खाद्य/ किराना सामग्री का विक्रय तथा फुटकर सब्जी मण्डी प्रतिबंधित रहेगी। अनुविभागीय दण्डाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के अंतर्गत किराना, सब्जी, फल, दूध आदि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पूर्ववत होम डिलीवरी के माध्यम से सुनिश्चित करायेंगे तथा समय-समय पर आवश्यक आदेश जारी कर सकेंगे । निम्न वाणिज्यिक और निजी प्रतिष्ठानों के अंतर्गत प्रसारण, डीटीएच और केबल सेवा, इलेक्ट्रानिक, प्रिंट मीडिया (मीडिया संस्थान द्वारा जारी वैध आई.डी. काई धारी, मात्र कवरेज उद्देश्य के लिये), दूरसंचार सेवाओं संबंधी डेटा और कॉल सेंटर, शासन द्वारा अनुमति प्राप्त ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित कॉमन सर्विस सेंटर, ई-कॉमर्स कंपनियां, ई-कॉमर्स ऑपरेटरों द्वारा आवश्यक वस्तुओं के परिवहन हेतु वाहन के संचालन, कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउसिंग सेवाएं, कार्यालय और आवासीय परिसरों के रखरखाव के लिए प्रबंधन सेवाएं एवं निजी सुरक्षा सेवाएं,  क्वारनटाईन सुविधाओं के लिए उपयोग किये गए/स्थापित किए गए प्रतिष्ठान तथा  सरकारी और निजी उद्योग/औद्योगिक प्रतिष्ठानों को कलेक्टर कार्यालय से दी गई सशर्त अनुमति के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग संचालन, विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZ) और निर्यात उन्मुख इकाइयों (EOU) औदयोगिक स्टेट और औद्योगिक टाउनशिप में एक्सेस कंट्रोल के साथ विनिर्माण और अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठान (ये प्रतिष्ठान सचिव भारत सरकार गृह मंत्रालय नई दिल्ली के आदेश क्रमांक 40-3/2020-DM-1(A) दिनांक 15 अप्रैल 2020 में दिये गये निर्देशों के पैरा 20(ii) में उल्लेखित मानक ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल (SOP) के कार्यान्वयन के लिए यथासंभव अपने परिसर के भीतर/ या आस-पास की इमारतों में श्रमिकों के ठहरने की व्यवस्था करेंगे। श्रमिकों का कार्यस्थल तक परिवहन सामाजिक दूरी को सुनिश्चित करते हुए विभागीय परिवहन संस्थान में नियोक्ताओं द्वारा किया जाएगा।), दवाओं, फार्मास्यूटिकल्स, चिकित्सा उपकरणों, उनके कच्चे माल और मध्यवर्ती सहित आवश्यक वस्तुओं की विनिर्माण इकाइयां, नगर पंचायतों और नगर पालिकाओं की सीमा के बाहर ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, उत्पादन इकाइयां, जिन्हें निरंतर संचालन की आवश्यकता होती है और उनकी आपूर्ति श्रृंखला, पैकेजिंग सामग्री की विनिर्माण इकाइयां, नगर पंचायतों और नगर पालिकाओं की सीमा के बाहर ग्रामीण क्षेत्रों के ईंट भट्टे संचालन की अनुमति रहेगी । प्रदत्त अनुमति की शर्तों का पालन नहीं करता पाए जाने पर उद्योग का संचालन बंद कर दिया जावेगा तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धाराओं एवं अन्य विधिक कानूनी कार्यवाही की जायेगी।
      इसी प्रकार निर्माण गतिविधियों के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में अर्थात नगरीय निकाय की सीमा के बाहर सड़क, सिंचाई परियोजनाओं, भवनों और सभी प्रकार की शासकीय औद्योगिक परियोजनाओं का निर्माण, जिसमें एमएसएमई भी शामिल है, अक्षय उर्जा परियोजनाओं का निर्माण, नगरीय निकाय की सीमाओं के भीतर ऐसी शासकीय निर्माण परियोजनाओं में काम जारी रखा जा सकता है जहां श्रमिक कार्य स्थल पर उपलब्ध है और किसी भी श्रमिक को बाहर से लाने की आवश्यकता नहीं है एवं वनोपज संग्रह के अंतर्गत लघु वन उपज का संग्रहण/प्रसंस्करण गैर काष्ठ वनोपज / लघु वन उपज का अनुसूचित जनजाति व अन्य वनवासियो द्वारा संग्रहण करने की अनुमति रहेगी।
इन मामलों में व्यक्तियों को आवागमन की रहेगी अनुमति- कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डॉ.शर्मा ने बताया कि चिकित्सा और पशु चिकित्सा देखभाल सहित आपातकालीन सेवाओं के लिए निजी वाहन और आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए आवागमन की अनुमति रहेगी । ऐसे मामलों में चार पहिया वाहनों के मामले में निजी वाहन चालक के अलावा एक यात्री को बैक सीट में अनुमति दी जा सकती है, दोपहिया वाहनों के मामले में केवल वाहन के चालक को अनुमति दी जायेगी। इस प्रतिबंधात्मक आदेश में दिये निर्देशों के अनुसार अनुमति प्राप्त संस्थानों के सभी कार्मिकों के कार्यस्थल पर जाने और वापस लौटने के लिये और शासकीय सेवकों को अपने कार्यस्थल पर इयूटी ज्वाइन करने के लिये यात्रा की अनुमति रहेगी।
शासकीय/अशासकीय कार्यालय जो इस अवधि में खुले रहेंगे- उन्होंने बताया कि पुलिस, होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा, आग और आपातकालीन सेवाएं, आपदा प्रबंधन, जेल और नगरपालिका सेवाएं बिना किसी प्रतिबंध के कार्य करेंगी। सीमित कर्मचारियों के साथ काम करने के लिए शासन के अन्य सभी विभाग इस कार्यालय के 17 अप्रैल को जारी आदेश में निहित निर्देशानुसार कार्य करेंगे । शासकीय सेवक 24 घंटे अपना मोबाइल फोन चालू रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर कार्यालय में उपस्थित होना अनिवार्य होगा। जिला कार्यालय और ट्रेजरी सीमित कर्मचारियों के साथ काम करेंगे। हालांकि, सार्वजनिक सेवाओं की डिलीवरी सुनिश्चित की जाएगी और इस तरह के उद्देश्य के लिए आवश्यक कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। वन कार्यालय : चिड़ियाघर, नर्सरी, वन्यजीव, जंगलों में अग्निशमन, वृक्षारोपण, गश्त और उनके आवश्यक परिवहन को संचालित करने और बनाए रखने के लिए आवश्यक अधिकारी/ कर्मचारी इयूटी पर रहेंगे ।
अनिवार्य क्वारंटाइन के तहत रहने वाले व्यक्ति के लिये निर्देश- ऐसे सभी व्यक्ति जिन्हें स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्देशित किया गया है कि वे स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा तय अवधि के लिए सख्त घरेलू संस्थागत क्वारंटाइन में रहें, निर्देशों का पालन करेंगे। क्वारंटाइन निर्देशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति आईपीसी की धारा 188 एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत कानूनी कार्रवाई के लिए उत्तरदायी होंगे। सभी औद्योगिक और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, कार्य स्थल, कार्यालय आदि अपने कामकाज शुरू करने से पहले सचिव भारत सरकार गृह मंत्रालय नई दिल्ली के आदेश क्रमांक 40-3/2020-DM-I(A) दिनांक 15 अप्रैल 2020 ANNEXURE-II में उल्लेखित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर अनुसार व्यवस्था करेंगे। पेट्रोल पंप संचालक द्वारा पेट्रोल-डीजल, समस्त दवा विक्रेता द्वारा दवा का विक्रय, सभी किराना, फल, सब्जी, दूध विक्रेता, कृषि आदान एवं पशु आहार विक्रेता किसी भी बिना मास्क पहने व्यक्ति को सामग्री का विक्रय नहीं करेंगे तथा सोशल डिस्टेंसिंग तथा सैनिटाइजर का उपयोग करना सुनिश्चित करेंगे ।
     कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डॉ.शर्मा द्वारा जारी यह आदेश आम जनता को सम्बोधित है। चूंकि वर्तमान में ऐसी परिस्थितियां नहीं है, और न ही यह सम्भव है कि इस आदेश की पूर्व सूचना प्रत्येक व्यक्ति को दी जाये, इसलिये यह आदेश एक पक्षीय पारित किया गया है । अत्यंत विशेष परिस्थितियों में संतुष्ट होने पर आवेदक को किसी भी लागू शर्तों से छूट दी जायेगी ।