Mumbai महाराष्ट्र में शिवसेना और हिंदुत्व दोनों ही एक दूसरे के संपूरक हैं राज्य में हिंदुत्व की कल्पना शिवसेना के बिना नहीं की जा सकती है।

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Mumbai महाराष्ट्र में शिवसेना और हिंदुत्व दोनों ही एक दूसरे के संपूरक हैं राज्य में हिंदुत्व की कल्पना शिवसेना के बिना नहीं की जा सकती है। यह बात महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि देश की जनता को भी पता है कि शिवसेना एक हिंदुत्ववादी पार्टी है। हालांकि अब शिवसेना को यह बताने की जरूरत पड़ रही है कि उसने हिंदुत्व को छोड़ा नहीं है हिंदुत्व अभी भी उनकी पार्टी की पहचान है। आखिर ऐसा क्यों? क्या शिवसेना को वोट बैंक बिदकने का खतरा नज़र आ रहा है।

हिंदुत्व के नाम पर पार्टी
शिवसेना की सियासत भी हिंदुत्व के सहारे पर शुरू हुई थी। स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे ने पार्टी की स्थापना के बाद राष्ट्रीय पटल पर पार्टी के विस्तार के लिए हिंदुत्व को अपना एजेंडा बनाया था। विस्तार के साथ साथ पार्टी की छवि भी कट्टर हिंदुत्ववादी पार्टी की बन चुकी थी जो शिवसेना और भाजपा की युति सरकार तक कायम भी रही।

शिवसेना पर आरोप लगा कि सत्ता के लिए तोड़ा गठबंधन
पिछले साल जब शिवसेना ने सत्ता के लिए कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर महाविकास अघाड़ी की स्थापना की और सरकार बनाई तब से शिवसेना विपक्ष के निशाने पर आ गई है। भारतीय जनता पार्टी ने सबसे पहले शिवसेना पर जनता के साथ धोखा करने का आरोप लगाया बीजेपी (Maharashtra BJP ) ने कहा कि जनता ने शिवसेना को युति के नाम पर वोट दिया था लेकिन अब शिवसेना ने सत्ता के लालच में उस गठबंधन को तोड़कर जनता को धोखा देने का काम किया है। बीजेपी ने शिवसेना पर यह भी आरोप लगाया कि कुर्सी के लालच में उद्धव ठाकरे ने बालासाहेब ठाकरे के हिंदुत्व के साथ समझौता किया है। जिन लोगों ने हमेशा से ही हिंदुत्व को नीचा दिखाने की कोशिश की जिन्होंने हिंदुओं को एक आतंकवादी के रूप में पेश करने की कोशिश की शिवसेना ने अब उन्हीं लोगों से हाथ मिला लिया है।

राज्यपाल भी कर चुके हैं सवाल
महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Governor Bhagat Singh Koshyari ) ने भी राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को कुछ समय पहले मंदिरों को खोलने के लिए एक पत्र लिखा था। जिसमें उन्होंने कहा था कि जब हर एक चीज को खोला जा रहा है तो फिर मंदिरों को क्यों बंद रखा जा रहा है। क्या आप हिंदुत्व को भूल गए हैं? इस पर उद्धव ठाकरे ने जवाब दिया था कि मुझे हिंदुत्व का पाठ आप से सीखने की जरूरत नहीं है। हिंदुत्व क्या है यह हम अच्छी तरह से जानते हैं और मानते भी हैं।

बीजेपी का शिवसेना पर प्रहार बातचीत के दौरान भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता और विधायक राम कदम ने कहा कि शिवसेना ने हिंदुत्व नहीं छोड़ा है उन्हें यह बार-बार बताने की जरूरत इसलिए पड़ रही है क्योंकि उन्होंने उस पार्टी के साथ गठबंधन किया है जिसके लिए स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे ने कहा था कि अगर कभी कांग्रेस के साथ गठबंधन करने की नौबत आई तो वह अपनी पार्टी को ही बंद कर देंगे। लेकिन आज शिवसेना ने कांग्रेस के साथ सत्ता के लिए गठबंधन कर लिया है। पूरे देश में शिवसेना की छवि खराब हो रही है और सब को यह पता है कि शिवसेना ने हिंदुत्व छोड़ दिया है। अब शिवसेना बार-बार अपने मन के खौफ की वजह से जनता के बीच में यह कहती फिर रही है कि उसने हिंदुत्व नहीं छोड़ा है। वहीं वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने कहा कि मुख्यमंत्री पद के लालच में आकर उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस के साथ समझौता किया है।