New Delhi भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष सौरव गांगुली को लेकर कई सालों से ये अटकलें लगाई जा रही हैं कि वे राजनीति में आएंगे। हालांकि, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस नहीं चाहती है कि वे राजनीति में आएं।

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New Delhi भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष सौरव गांगुली को लेकर कई सालों से ये अटकलें लगाई जा रही हैं कि वे राजनीति में आएंगे। हालांकि, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस नहीं चाहती है कि वे राजनीति में आएं। टीएमसी के सांसद सौगत रॉय ने कहा है कि अगर पूर्व भारतीय कप्तान ने ऐसा कदम उठाया तो वे निराश होंगे। ऐसा माना जा रहा था कि गांगुली अगले साल होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मैदान में उतरेंगे, लेकिन उन्होंने खुद ही इसे खारिज कर दिया था
अपने बयान में कहा, ‘‘अगर वो राजनीति जॉइन करते हैं तो मैं खुश नहीं होऊंगा। सौरव सिर्फ बंगाल के कप्तान नहीं थे, बल्कि सभी बंगाली के आदर्श हैं। वह अपने टीवी शो के कारण भी लोकप्रिय हैं, लेकिन सौरव की राजनीति में कोई पृष्ठभूमि नहीं है, वे राजनीति में सेवा नहीं कर पाएंगे। वे देश और यहां के गरीबों की समस्या के बारे में नहीं जानते हैं। उनका गरीबी और मजदूरों की समस्या से कोई वास्ता नहीं रहा है।’’
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बंगाल चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को कड़ी टक्कर देने के लिए तैयारी में है। उसे चुनाव में मुख्यमंत्री पद के लिए कोई चेहरा नहीं मिल रहा है। ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि भाजपा टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली से इसके लिए बातचीत कर रही है। इस पर रॉय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘‘भाजपा मुख्यमंत्री पद के लिए चेहरा ढूंढने में नाकाम रही है इसलिए इस तरह के अफवाहों को फैला रही है।’’

इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी बीसीसीआई अध्यक्ष नियुक्त करने के फैसले को लेने से इनकार कर दिया था। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि बीसीसीआई अध्यक्ष पद पर सौरव गांगुली के साथ कोई समझौता नहीं हुआ है। गांगुली पिछले साल अक्टूबर में बोर्ड के अध्यक्ष बने थे। तब ये खबरें आई थीं कि वे भाजपा की मदद से बोर्ड प्रेसिडेंट बने हैं और बदले में बीजेपी की ओर से बंगाल में चुनाव लड़ेंगे या पार्टी का प्रचार करेंगे। हालांकि, सौरव ने खुद इसे अफवाह बताया था।