Patna: इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी के चिकित्सकों ने ब्लू बेबी सिंड्रोम बीमारी से पीड़ित किशोरी का पहला सफल ऑपरेशन किया

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इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी के चिकित्सकों ने ब्लू बेबी सिंड्रोम बीमारी से पीड़ित किशोरी का पहला सफल ऑपरेशन किया। मुजफ्फरपुर की 14 साल की राधिका कुमारी बचपन से ही ब्लू बेबी सिंड्रोम नामक जटिल बीमारी से ग्रसित थी। संस्थान के निदेशक डॉ अरविंद कुमार की देखरेख में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने यह ऑपरेशन किया।
ब्लू बेबी सिंड्रोम जन्मजात हृदय रोग की बीमारी- निदेशक ने बताया कि ब्लू बेबी सिंड्रोम जन्मजात हृदय रोग की बीमारी है, जो बच्चों में गर्भावस्था के दौरान ही हो जाता है। इससे हृदय के अंदरूनी बनावट में कई तरह की तब्दीलियां हो जाती है। हृदय में शुद्ध और अशुद्ध रक्त को बांटने वाली दीवार में हल्का छेद हो जाता है। फेफड़े को खून भेजने वाली धमनी में भी सिकुड़न हो जाती है। इससे अशुद्ध रक्त पूरी तरह शुद्ध नहीं हो पाती है। इससे बच्चों के शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है और बच्चों का रंग नीला पड़ जाता है। अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए तो बच्चा शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर हो जाता है और कई बार समय पर इलाज न हो तो जीवन पर भी संकट पड़ सकता है। यह बीमारी 1000 बच्चों में से एक में पाई जाती है।(UNA)