Patna, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती को इस चुनाव में स्टार कैंपेनर से अधिक कोई रोल नहीं मिला

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Patna, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती को इस चुनाव में स्टार कैंपेनर से अधिक कोई रोल नहीं मिला है। उनसे उम्र में काफी छोटे भाई तेजस्वी यादव को महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश किया गया है। राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने के बाद, 44 वर्षीय मीसा ने बिहार में अपने छोटे भाई के लिए मंच छोड़ दिया। अब वे दिल्ली पर ही अपना ध्यान लगा रही है और इस चुनाव में तेजस्वी के लिए चुनाव प्रचार करती नज़र आएंगी
आपातकाल के दौरान MISA (मेंटेनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट) के तहत लालू प्रसाद यादव को जेल में रखा गया था। लालू ने इस एक्ट के नाम पर अपनी बेटी का नाम ‘मीसा’ रख दिया। राजनीतिक गलियारों में मीसा का नाम पहली बार तब आया जब उसके पिता को चारा घोटाले के आरोपों के बाद पद छोड़ना पड़ा था और उनकी माँ राबड़ी देवी बिहार की नई मुख्य मंत्री बनी थी। तब उनके भाई तेजप्रताप और तेजस्वी दोनों 10 साल से भी कम उम्र के थे। ऐसे में माँ राबड़ी ने समर्थन और सलाह के लिए अपनी सबसे बड़ी बेटी मीसा से मदद ली थी।
मीसा ने एमबीबीएस की है, हालांकि उन्होने कभी एक डॉक्टर के रूप में काम नहीं किया। मीसा एक बहुत अच्छी वक्ता हैं और अपने बोलने के कौशल से सभी को प्रभावित किया है। लेकिन छोटे भाइयों के बड़े होने के बाद उनके माता पिता ने राजनीति के लिए उन्हें चुना। सूत्रों का कहना है कि यह सिर्फ बेटी के ऊपर बेटों को चुनने का सवाल नहीं था, इसके पीछे की वजह लालू की पांच अन्य बेटियां थी। अगर वे मीसा को इसके लिए चुनते तो अन्य बेटियां भी दावा कर सकती थीं।
2014 में एक डॉक्टर से नेता बनीं मीसा भारती ने पाटलिपुत्र की लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन वो राजद के बागी अपने चाचा राम कृपाल यादव से हार गई थीं, जो भाजपा में शामिल हो गए थे। रामकृपाल यादव ने मीसा को 40322 वोटों से हरा दिया था। मीसा को इस चुनाव में 342940 वोट मिले थे। हालांकि 2016 में मीसा को लालू प्रसाद ने राजद के टिकट पर राज्यसभा भेज दिया।(UNA)