Ranchi: झारखंड में हेमंत सरकार अब 60 साल से अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों और हर उम्र की विधवा को पेंशन देगी, वहीं राज्य में मुख्यमंत्री पशुधन योजना की शुरुआत जल्द की जायेगी

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झारखंड में हेमंत सरकार अब 60 साल से अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों और हर उम्र की विधवा को पेंशन देगी, वहीं राज्य में मुख्यमंत्री पशुधन योजना की शुरुआत जल्द की जायेगी. यह घोषणा दुमका के मसलिया स्थित धोबना हरिण बहाल और सांपचला में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने की. इसके अलावा राज्य में 15 लाख नये राशन कार्ड बनाने की स्वीकृति मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने की है. उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लाभुकों को परेशान होने की जरूरत नहीं है. राज्य सरकार हमेशा उनके साथ खड़ी है. इससे पहले मुख्यमंत्री ने दुमका के दिसोम मांझी थान में पूजा- अर्चना किया. सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में श्री सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार गरीबों की तकलीफ को समझती है. कोरोना महामारी ने राज्य के समक्ष कई चुनौतियां खड़ी की थी, लेकिन सरकार इस महामारी से डट का मुकाबला कर रही है. इसी वजह से आज इस राज्य की चर्चा चारों ओर हो रही है. गरीबों, मजदूरों, किसानों के हालचाल को जानने एवं उन तक सहायता पहुंचाने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया. दुमका के दिसोम मांझी थान में पूजा- अर्चना करते और प्रसाद ग्रहण करते मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन. उन्होंने कहा कि अब एक भी योग्य लाभुक योजनाओं से वंचित नहीं रहेगा. सभी योग्य लाभुकों को पेंशन योजना से जोड़ा जायेगा. वहीं, सभी उम्र की हमारी विधवा बहनों को पेंशन मिलेगा. राज्य सरकार आंखें बंद कर नहीं, बल्कि आंखें खोल कर कार्य करेगी. जो वाजिब हक गरीबों और मजदूरों का है, वह उन्हें हर हाल में मिलेगा. सीएम ने कहा कि सरकार बनते ही कोरोना महामारी के दौरान यह जानकारी मिली कि बड़ी संख्या में लोग दूसरे राज्यों में रोजगार के लिए जा रहे हैं. महामारी के दौरान जिस प्रकार से हमारे मजदूर भईयों को दुतकारा गया वह बहुत ही चिंताजनक है. हमारे मजदूर दूसरे राज्यों से पैदल अपने घर आने के लिए निकल पड़े. राज्य सरकार ने हवाई चप्पल पहनने वाले लोगों को हवाई जहाज से उनके घरों तक पहुंचाया. विभिन्न प्रदेशों में फंसे लोगों को सरकार ने सबसे पहले ट्रेन के माध्यम से उनके घर तक पहुचाने का कार्य किया और कुछ दिनों बाद यहां के मजदूरों को रजिस्ट्रेशन कर ट्रेन के माध्यम से ही लेह- लद्दाख कार्य करने के लिए भेजा. जरूरतमंद लाभुक के कान में श्रवण यंत्र लगाते मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन. उन्होंने कहा कि जो भी मजदूर अन्य राज्यों में कार्य करने के लिए जाते हैं. वे लेबर डिपार्टमेंट ऑफिस जाकर अपना निबंधन अवश्य करायें, ताकि भविष्य में भी अगर किसी प्रकार की कोई महामारी आती हो, तो सरकार आपकी मदद कर सके और आपको आपके घर तक ले सके. उन्होंने कहा कि सरकार ने इस महामारी के दौरान अंडमान- निकोबार, लेह- लद्दाख जैसे कई अन्य दुर्गम स्थानों पर फंसे लोगों को उनके घर तक पहुंचाया. उन्होंने कहा कि यहां के लोगों को बाहर रोजगार के लिए नहीं जाना पड़े. गांव- शहर के आसपास लोगों को रोजगार मिल सके. इसके लिए सरकार प्रयासरत है. सरकार ने मनरेगा के तहत 3 योजनाओं की शुरुआत की है. इस बार जो मानव दिवस सृजित किये हैं वो अपने आप में रिकॉर्ड है. मुख्यमंत्री शहरी श्रमिक योजना के तहत शहर के लोगों को शहर में रोजगार की गारंटी मिलेगी. अगर रोजगार नहीं मिलता है और उक्त व्यक्ति के पास कार्ड उपलब्ध होगा, तो उन्हें बेरोजगारी भत्ता मिलेगा. सरकार ने बहुत लंबी कार्य योजना तैयार रखी है. जल्द ही आमजनों तक योजनाओं का लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान गांव- गांव में दीदी किचन चलाया गया, ताकि लोग भूखे नहीं रहे. गौरव की बात है कि संक्रमण के दौरान एक भी गरीब मजदूर की मृत्यु नहीं हुई है. समस्या बहुत है और सभी समस्याओं की जानकारी सरकार के पास है. जनता निश्चिंत रहें जल्द ही सभी समस्याएं दूर होंगी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दूरस्थ क्षेत्र के ग्रामीणों को अस्पताल पहुंचाने के लिए बाईक एंबुलेंस की सौंपी चाबी.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न विभागों के परिसंपत्तियों का वितरण किया गया. प्रधानी पट्टा, मुख्यमंत्री सुकन्या योजना, श्रवण यंत्र, प्रधानमंत्री आवास योजना, बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत पशु शेड, पेंशन योजना के तहत पेंशन, जिला कृषि कार्यालय के तहत सॉईल हेल्थ कार्ड, केसीसी योजना के तहत लाभ, शिक्षा विभाग द्वारा स्कूल किट मनरेगा के तहत सिंचाई कूप लाभुकों के बीच वितरित किया गया. इसके अलावा मुख्यमंत्री द्वारा 81 सखी मंडल की दीदियों को 81 लाख रुपये का चेक दिया गया. दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए स्थानीय मुखिया को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बाईक एंबुलेंस की चाबी सौंपी.(UNA)