Ranchi: JEE Main And NEET:परीक्षा के आयोजन को लेकर राजनीति तेज हो गयी

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Ranchi: JEE Main And NEET:परीक्षा के आयोजन को लेकर राजनीति तेज हो गयी है. पक्ष और विपक्ष की तरफ से परीक्षा के आयोजन को लेकर बयानबाजी होने लगी है. एक तरफ जहां केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) के उच्च पदस्थ सूत्रों की तरफ से कहा गया है कि NEET और JEE एक्जाम को लेकर कोई पुनर्विचार नहीं किया जा रहा है. वहीं सोनिया गांधी के साथ बैठक में हिस्सा लेने के बाद राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने परीक्षा के आयोजन को आगे बढ़ाने को लेकर कोर्ट जाने का मन बनाया है. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ बात करते हुए कहा कि हम परीक्षा के आयोजन का विरोध नहीं कर रहे हैं लेकिन अभी उसके आयोजन से कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा है. हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड में आसपास के राज्यों से भी छात्र परीक्षा देने आते हैं ऐसे में उनके लिए व्यवस्था करने में दिक्कत होगी. इधर कांग्रेस ने मेडिकल एवं इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश से संबंधित नीट एवं जेईई की परीक्षाओं के आयोजन के फैसले को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ 28 अगस्त को देशव्यापी प्रदर्शन करने का ऐलान किया है. पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी बयान के मुताबिक, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेता और कार्यकर्ता केंद्र सरकार से संबंधित दफ्तरों के बाहर सामाजिक दूरी का पालन करते हुए धरना देंगे. वहीं, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली के निदेशक वी रामगोपाल राव ने कहा कि संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) और राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा की परीक्षाओं में और देरी का न केवल अकादमिक कैलेंडर पर बल्कि प्रतिभाशाली छात्रों के करियर पर भी गंभीर असर पड़ेगा. कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर दोनों महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं को स्थगित करने की तेज होती मांगों के मद्देनजर राव का बयान आया है. उन्होंने कहा, ‘‘इन परीक्षाओं में और देरी करने से आईआईटी के अकादमिक कैलेंडर और अभ्यर्थियों के लिए गंभीर परिणाम हो सकते हैं. लाखों विद्यार्थियों के लिए यह अकादमिक सत्र बेकार चला जाएगा.”(UNA)