सिरसा के वरिष्ठ साहित्यकार ज्ञानप्रकाश ’पीयूष’ नेपाल में विद्या वाचस्पति से अलंकृत

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UNA NEWS
सतीश बंसल, सिरसा संवाददाता।

तुलसीदास जयन्ती व अवधी दिवस के सन्दर्भ में नेपालगंज बांके, लुंबिनी प्रदेश, नेपाल में ‘तृतीय अंतर्देशीय अवधी महोत्सव’ के शुभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विद्या वाचस्पित से अलंकृत सिरसा के वरिष्ठ साहित्यकार ज्ञानप्रकाश ‘पीयूष’ ‘अवधी समाज भूषण सम्मान’ से सम्मानित हुए। उन्हें यह सम्मान उनकी पुस्तक ‘आलोक रश्मियां’ तथा साहित्य, कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने के संदर्भ में अवधी सांस्कृतिक प्रतिष्ठान की केंद्रीय कार्यसमिति नेपालगंज बांके के महासचिव वीरेंद्र यादव, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि,अध्यक्ष एवं मधेशी आयोग नेपाल के माननीय डॉ. विजय कुमार दत्त एवं केंद्रीयअध्यक्ष विष्णु लाल कुलाल के कर-कमलों द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर हरियाणा साहित्य अकादमी, पंचकूला से सम्मानित राजपुरा सिसाय के साहित्यकार बलजीत सिंह एवं उनकी धर्मपत्नी साहित्यकार डॉ. राजबाला राज भी सम्मानित हुए। डॉ. राजबाला राज ने द्वितीय सत्र की काव्य-गोष्ठी की गौरवमयी अध्यक्षता भी की।

उल्लेखनीय है कि ज्ञानप्रकाश ‘पीयूष’ राजस्थान शिक्षा सेवा प्रिंसिपल पद से सेवानिवृत्त हैं। वर्तमान में ये साहित्य-लेखन कार्य में पूर्णरूप से समर्पित हैं। कविता, लघुकविता, लंबी कविता, लघुकथा दोहा, समीक्षा, आलेख एवं हाइकु आदि साहित्य की विभिन्न विधाओं में ये अनवरत रूप से सृजनरत हैं। अब तक इनकी एक दर्जन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें पांच कविता-संग्रह, एक दोहा-संग्रह, एक लघुकथा संग्रह, तीन समीक्षात्मक व दो संपादित कृतियाँ प्रकाशित हो चुकी हैं। बाल कविता संग्रह ‘सच्चे मन के अच्छे बच्चे’ इनकी तेरहवीं पुस्तक प्रेस में प्रकाशनाधीन है, जो शीघ्र प्रकाशित होकर आने वाली है। इनके अतिरिक्त राष्ट्रभाषा हिंदी प्रचार-प्रसार स्वर्ण जयंती प्रकाशन एवं राजस्थान शिक्षा विभाग शिक्षक दिवस प्रकाशन सहित ये 21 काव्य संकलनों में सहभागिता कर चुके हैं। प्रो० ज्ञानप्रकाश ‘पीयूष’ की इस उपलब्धि पर नगर की अनेक सामाजिक एवं साहित्यिक संस्थाओं एवं गणमान्य लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

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