चंदौली जनपद के चकिया विकासखंड के अंतर्गत आने वाले नक्सल प्रभावित ग्राम पंचायत मुसाहिबपुर के प्राथमिक विद्यालय में को देखने को मिली है।

जहां केन्द्र व प्रदेश सरकार बच्चों को शिक्षा के ऊपर पानी की तरह पैसा बहा रही है वहीं जिला प्रशासन भी तत्परता से कोशिश में लगा हुआ है। लेकिन नक्सल प्रभावित ग्राम पंचायत मुसाहिबपुर के भ्रष्ट मनबढ़ ग्राम प्रधान सुशीला देवी व प्रधानपति चन्द्रभान के द्वारा प्राथमिक विद्यालय में मिड डे मिल बंद कर दिया गया है। जब ग्राम प्रधान को प्राथमिक विद्यालय पर बुलाया जानकारी लेने के लिए तो आने में असमर्थता व्यक्त किया। प्राथमिक विद्यालय की स्थिति बेहद ही नाजुक है जो अपने दिन दशा पर आंसू बहाने पर मजबूर है। महिनों से मिड डे मिल नहीं बन रहा है,विद्यालय में शौचालय की स्थिति ठीक नहीं है। दरवाजे टूटे हुए हैं विद्यालय का फर्स व बाऊन्ड्री टूटी हुई है।

विद्यालय में विजली की व्यवस्था नहीं है विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की उपस्थिति नहीं थी। बताते चलें की प्रदेश सरकार की तरफ से जहां चंदौली जनपद को ईमानदार व चर्चित जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल की नियुक्ति पिछड़़े जिले चंदौली को भ्रष्टाचार मुक्त करने के लिए किया गया है। वहीं कुछ ब्लाक के अधिकारियों व ग्राम प्रधानों के वजह से विद्यालयों की स्थिति जर्जर हो चुकी है।प्रदेश सरकार ने विद्यालयों की देख रेख की जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों के हवाले कर दी है। वहीं विद्यालय निर्माण रंग रोगन और शौचालय निर्माण के लिए आने वाले पैसों का ग्राम प्रधानों व ब्लाक में बैठे कुछ अधिकारियों के द्वारा भारी दुरूपयोग करते हुए गड़प कर लिया जा रहा है।

जिसका जीता जागता उदाहरण चकिया विकासखंड के मुसाहिबपुर प्राथमिक विद्यालय पर देखने को मिली,विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों ने मांग की है कि निष्पक्षता पुर्ण जांच करते हुए दोषियो के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाये।