देश को आजाद होने के बाद भी कुछ भ्रष्ट और मनबढ़ ग्राम प्रधानों के चलते बच्चों की जिंदगी यों के साथ किया जा रहा है खिलवाड़

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UNA News
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चंदौली जनपद के शहाबगंज विकासखंड अंतर्गत आने वाले अति नक्सल प्रभावित ग्राम पंचायत सुल्तानपुर से इस समय बहुत बड़ी खबर आ रही है जहां प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार गरीब बच्चों की शिक्षा दीक्षा के ऊपर पैसा पानी की तरह बहा रही है और यह सुनिश्चित करने की बराबर तत्परता के साथ जिला प्रशासन भी कोशिश में लगा हुआ है लेकिन अति नक्सल प्रभावित ग्राम पंचायत सुल्तानपुर होने के बावजूद भी वहां के भ्रष्ट मनबढ़ ग्राम प्रधान संतु चौहान के द्वारा ग्राम पंचायत में घोर धाधली देखने को मिल रही है ग्राम पंचायत में स्थित प्राथमिक विद्यालय और पूर्व माध्यमिक विद्यालय की स्थिति बेहद ही नाजुक है जो अपने दिन दशा पर आंसू बहाने पर मजबूर है

जब रिपोर्टरों की टीम प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय पर पहुंची तो वहां के प्रधानाचार्य और कक्षा आठ में पढ़ने वाली बच्चियों का दर्द आंसू बनकर सामने आया हम बताते चलें कि प्रदेश सरकार की तरफ से जहां जिले में चर्चित और ईमानदार जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल की नियुक्ति अति पिछड़े जिले चन्दौली को भ्रष्टाचार से मुक्त करने के लिए किया गया है वहीं ग्राम पंचायत के भ्रष्ट ग्राम पंचायत अधिकारी विकास सिंह की वजह से ग्राम प्रधान संतु चौहान के द्वारा विद्यालय में भी धांधली करने से कोई गुरेज नहीं रखा गया केंद्र और प्रदेश सरकार ने जहां ग्राम पंचायतों में स्थित प्राथमिक विद्यालय और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों की देखरेख की जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों के हवाले कर दी है

वहीं विद्यालय निर्माण रंग रोगन और शौचालय निर्माण के लिए आने वाले पैसों का ग्राम प्रधानों के द्वारा भारी दुरुपयोग करते हुए हड़प लिया जा रहा है जिसका आज जीता जागता उदाहरण शहाबगंज विकासखंड के पूर्व माध्यमिक विद्यालय सुल्तानपुर में देखने को मिला जहां विद्यालय रोड के पास में बना हुआ है वहीं विद्यालय की बाउंड्री वाल है ही नहीं देश के आजाद होने के बाद से आज तक विद्यालय में बिजली भी नहीं लगाया गया और भारत सरकार की सबसे बड़ी योजना भारत स्वच्छता मिशन के अंतर्गत विद्यालयों में बनने वाले मॉडल शौचालय जिसकी लागत लगभग साढे तीन लाख रुपए प्रति मॉडल शौचालय बनवाना है उसमें भी घोर धांधली किया जा रहा है

हम आपको बताते चलें की पूर्व माध्यमिक विद्यालय में जो शौचालय बनाया गया पूर्व में निर्माण किए हुए शौचालय में ही रंग रोगन करके उसको मॉडल शौचालय के रूप में तब्दील करने की कोशिश की गई और जो शौचालय की टंकी पहले की बनी हुई थी छोटी सी उसी में शौचालय को जॉइंट करने का काम किया गया साथ ही शौचालय को मिलने वाले साडे तीन लाख रुपए का गमन ग्राम प्रधान के द्वारा कर लिया गया शौचालय रंग रोगन करके दरवाजा लगा कर उसमें ताला बंद करके ग्राम प्रधान के द्वारा चाबी रख कर चले जाने से जहां बच्चियों की जान को खतरा बना हुआ है

शौचालय करने के लिए उन्हें बाहर जंगल और पहाड़ की तरफ जाना पड़ता है वही बार-बार प्रधानाचार्य के द्वारा विभाग और प्रदेश स्तर जिला स्तर तक के अधिकारियों को इस बारे में लिखित सूचना देने पर भी भ्रष्ट ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ जांच कर कोई कार्यवाही नहीं की गई वहीं विद्यालय में पढ़ने वाली बच्चियों के द्वारा जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल से यह मांग की गई कि विद्यालय में बनने वाले मॉडल शौचालय और विद्यालय के बाउंड्री वाल को तत्काल करा कर विद्यालय में बने शौचालय में लगने वाले पैसे की निष्पक्षता पूर्ण जांच करते हुए दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाए ताकि भविष्य में कोई भी भ्रष्टाचार करने की कोशिश ना कर पाए

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